11
Apr

सफलता-असफलता, हानि-लाभ,जय-पराजय, ये सब मौसम के सामान है,ये सब कभी एक सामान नहीं रहते और न ही कभी स्थिर रहते है, अगर कोई स्थिर है तो वो है लक्ष्य को पाने का रास्ता क्योंकि इसका कोई शॉर्टकट नहीं होता | हमारा दृढ निश्चय जितना मजबूत होगा उतने ही हम अपने लक्ष्य के निकट होंगे लेकिन इसके साथ हमे यह नहीं भूलना चाहिए कि परिस्थिति हमेशा एक सामान नहीं होती है | वह हमेशा बदलती रहती है, जिस प्रकार रात के डर से सुरज अपनी रौशनी देना बंद नहीं करता तो फिर नाकामयाबी के डर से हम अपना काम करना क्यों बंद कर दे| जिस प्रकार अच्छा समय हमे खुशिया देता है और बुरा वक़्त हमें मजूत बनाता है, विकत परिस्थतियो से लड़ना सीखता है Iजीवन में हम घटनाओ को रोक नहीं सकते है ,क्योंकि उस पर हमारा नियंत्रण नहीं है | लेकिन हम उस परिस्थति में सकारात्मक सोच के साथ सही तरीका तो अपना ही सकते है |कुछ लोग जीवन में अपनी पहली असफलता से इतने हताश हो जाते है कि वह दुबारा उस कार्य के बारे में सोचना भी नहीं चाहते कि वह वह उस कार्य को दुबारा करे भी या नही |ये सब उनके विश्वास कि कमी के कारन होता है जो उन्हें आगे बढ़ने नहीं देता |अब्रहम लिंकन भी अपने जीवन में कई बार असफल रहे वह भी अपनी असफलता से पुर रूप से हताश थे |लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और उनके इसी सहनशीलता और द्रढ़ता के कारन वह 52वर्ष कि आयु में अपने देश के रास्ट्रपति बनें|
यदि जीवन में आगे बढ़ना चाहते हो तो हमें अपने अन्दर सीखने कि इच्छा को जागृत रखना होगा |क्योंकि जिस दिन जीवन में “सीखना बंद तो जीतना बंद ” हमारी प्रगति उसी दिन से रुक जायेगी और हम जीवन में पिछडते जायेंगे | जो व्यक्ति अपनी गलतियों से से सीखता चलता है वह जिंदगी कि बड़ी चुनोतियो का सामना कर सकता है | जीवन में परिश्रम करने वालो कि कभी हार नहीं होती ,जो व्यक्ति कार्य को जितनी ईमानदारी और द्रढ़ता के साथ करेगा सफलता उसके उतने ही नजदीक होगीI जिंदगी हमें हंसाती भी है| और रुलाती भी है , जो हर परिस्थिति में आगे बढ़ने की चाह रखते है| सफलता उसी के कदम चूमती है | हमने अपने भीतर जो यह डर छुपा रखा है कि यह कार्य तो मैं नही कर सकता उस डर से को दूर कर अपने अन्दर ये जज्बा पैदा करना है , की यह कार्य मैं कर सकता हूँ | आज नही तो कल मैं ये कार्य करके दिखाऊंगा | जीवन का मंत्र है – लगातार हो रही असफलता से निराश नही होना चाहिए कभी- कभी गुछे कि आखिरी चाबी ताला खोल देती है | इसलिए हमेशा सकारात्मक रहो , जीवन में हमारे पास आस – पास ऐसे कई उदाहरण है , जो हमे अपने लक्ष्य तक पहुचने में हमारी मदद करते है जरुरत है | तो सिर्फ और सिर्फ उसको पहचानने की | तो दोस्तों हारकर बैठने से अच्छा है अपनी मंजिल को पाने के लिए मेहनत करना |

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