11
Apr

जीवन में किसी मुकाम को पाना मुश्किल नही हैं I बशर्ते, उस मुकाम को पाने के लिए आप में जुनून हो I अगर आप उस लक्ष्य को पाने का जीवट रखते है तो उस लक्ष्य तक पहुचने से आपको कोई नही रोक सकता हैं और आपका विश्वास ही कमजोर है, तो हवा का एक हल्का झोंका भी आपको लक्ष्यसे दूर कर सकता हैं I जीवन में किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले पहल बहुत सी शुरुआत आती है जो हमें मार्ग से भटकाने का प्रयास करती है फलस्वरूप हम सोचने लगते है की हमारे द्वारा तय किया गया रास्ता सही हैं? और हम अपना दिमाग नकारात्मक विचारों की और लगाने लगते है I जिससे हम उन परेशानियों की और बढ़ते चले जाते हैं I हमारा यही भटकाव हमें हमारे लक्ष्य तक पहुचने देता है I क्या कभी हमने इस बात पे ध्यान दिया है की हम उन परेशानियों से ऐसे ही भागते रहे तो क्या हम लक्ष्य को पा सकते है ? कभी नहीं! क्योकि जब हम जरा-जरा सी परेशानियों को देखकर ही अपना लक्ष्य बदलते रहे तो फिर हमें लक्ष्य केसे मिलेगा I फिर तो उसके बारे में सोचना ही गलत है I जीवन में परिस्थितिया बदलती रहती हैं I आज अच्छी, तो कल ख़राब I लेकिन विकत परिस्थितिया के बावजूद भी जो व्यक्ति अपना कार्य जारी रखे, सफलता उसी को मिलती है I जो लोग हरहाल में अपने लक्ष्य को पाना चाहते है वे हर परिस्थिति का सामना करने को तत्पर रहते है I जरा उन लोगो के बारे में सोच क्र देखिये जिन्होंने अपने देश की खातिर अपनी जान तक की परवाह नही की Iउनका मकसद देश को आजाद करवाना था , ना की उन परेशानियों से भागना I अगर वे भी हार मान लेते तो क्या हम आजादी की कल्पना कर सकते थे I जीवन में किसी भी सफलता के लिए हमे मेहनत तो करनी ही पड़ती है , उससे बचा जा नही सकता I जो व्यक्ति तूफान के दर से अपने आप को घर में बंद कर लेता है और सोचे तूफान चला गया है तो यह उसकी मुर्खता होगी I सच्चाई यह हे की तूफ़ान तो अपने स्थान पर है Iअर्थात यदि हम परस्थितियो को देख, अपना मुह छुपा ले तो मुसीबत ताल नही जाती Iवह तो अपने ही स्थान पर ही रहती है,बस हम ही उनका मुकाबला करने में समर्थ नही होते I अत: हमें हमारा ध्यान मुह छुपाने की बजाय समाधान खोजने पर लगाना चाहिए I अज तक जितने भी सफल लोग हुए है चाहे फिर वह कोई बड़ा बिजनेस-मैन हो या फिर कोई महान कलाकार,कोई दिगज इंजीनियर हो, या कोई मशहुर डॉक्टर I या फिर कोई भी ऐसा अन्य व्यक्ति जिसने अपने छेत्र में बहुत नाम कमाया हो, इन सब को यह सफलता एक ही दिन में नही मिली i उन्होंने अपने मुकाम तक पहुचने के लिए कड़ी मेहनत की है और अपने आप को उस लक्ष्य के लिए पूरी तरह समर्पित किया I उनके दिलो दिमाग में सिर्फ और सिर्फ एक ही लक्ष्य था की वे स्वयं को किसी वांछित ऊँचाई तक देखना चाहते थे I उनके कार्य में किसी भी प्रकार का आलस नही था I वह अपने लक्ष्य को किसी भी कीमत पर पाना चाहते थे I उनके इसी दृढ निश्चयी, मेहनत के कारण आज उनका नाम सुनहरे अक्षरों में अंकित है I वो सभी व्यक्ति जिन्होंने अपने कार्य को ही अपना सब कुछ समझा, हर पल, हर एक सेकंड अपने कार्य के लिए तेयार रहे वे ही लोग अज कामयाब है I हमें भी अपने कार्य के प्रति इसी प्रकार समर्पित रहना चाहिये, तैयार रहना चाहिए, नजाने जीवन के कोंसे पल में आपको इम्तिहान देना पड़ जाये I इसी लिए हमेशा अपने कार्य के प्रति सचेत रहो और अपना कार्य पूरी इमानदारी के साथ करो I सफलताये यकीनन आपके कदम चूमेगी I

Comments are closed.